
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। नगर के एक मैरिज होम में साहित्यिक संस्था ‘स्मृति शेष कवि करण सिंह शैवाल’ की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर एक सरस काव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर सभी आमंत्रित कवियों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि अशोक यादव ने की। शुभारंभ गीता चतुर्वेदी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके बाद काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। डॉ. हरिश्चंद्र शाक्य ने अपनी प्रभावशाली रचना से श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी, वहीं डॉ. पदम सिंह ‘पदम’ ने प्रेरणादायक कविता के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया।
कवि दीन मोहम्मद दीन ने देशभक्ति से ओतप्रोत “पावन माटी देश की…” पंक्तियों का भावपूर्ण पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। डॉ. कुश चतुर्वेदी ने “तुम हार गए हम जीत गए…” कविता के जरिए जीवन के संघर्षों को मार्मिक रूप से प्रस्तुत कर वातावरण को गंभीर बना दिया।
इसके अलावा प्रेमचंद शाक्य ‘प्रेम जी’, बटेश्वरी दयाल प्रजापति, रोहित चौधरी और विजयपाल सिंह सहित अन्य कवियों ने भी विभिन्न विषयों पर काव्य पाठ कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन अनिल दीक्षित भरथना ने कुशलतापूर्वक किया।
इस दौरान सभी कवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नरेंद्र कुमार वर्मा, संजीव वर्मा, अनुज वर्मा, उमाकांत श्रीवास्तव, शारदा गुप्ता,राजीव गुप्ता समेत अनेक महिलाओं सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
काव्य संगोष्ठी ने न केवल साहित्यिक माहौल को जीवंत बनाया, बल्कि दिवंगत कवि करण सिंह शैवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
