
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। क्षेत्र के बलरई गांव स्थित मोहल्ला विकास नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा के दौरान कन्नौज से पधारे व्यास आचार्य ब्रजेश कुमार द्विवेदी ने भक्त प्रह्लाद, भक्त ध्रुव और जड़ भरत के चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। व्यास आचार्य ने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी सच्ची भक्ति कभी डगमगाती नहीं। प्रह्लाद ने अपने पिता हिरण्यकश्यप के अत्याचारों के बावजूद भगवान विष्णु के प्रति अटूट आस्था बनाए रखी, जिससे अंततः सत्य और भक्ति की विजय हुई। वहीं भक्त ध्रुव की कथा के माध्यम से उन्होंने दृढ़ संकल्प और तपस्या की महत्ता को बताया। ध्रुव ने बाल्यावस्था में ही कठोर साधना कर भगवान का साक्षात दर्शन प्राप्त किया और अमर पद हासिल किया। इसके साथ ही जड़ भरत की कथा का वर्णन करते हुए व्यास जी ने कहा कि मनुष्य को मोह-माया से दूर रहकर निष्काम भाव से जीवन जीना चाहिए।

जड़ भरत ने सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर आत्मज्ञान का मार्ग अपनाया, जो जीवन को सच्चे अर्थों में सफल बनाता है। व्यास आचार्य ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन में जाने-अनजाने अनेक पाप हो जाते हैं, लेकिन श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा श्रवण करने से अंत:करण शुद्ध होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सद्बुद्धि प्राप्त करने का सशक्त माध्यम है। इस आयोजन में परीक्षित की भूमिका मुकेश पाठक एवं उनकी पत्नी बीना पाठक निभा रहे हैं, जबकि यज्ञपति के रूप में योगेश कुमार पाठक, बृजेश कुमार पाठक, राकेश कुमार पाठक, विवेक पाठक, विपुल पाठक और आरती पाठक सहयोग कर रहे हैं। आयोजक मुकेश पाठक ने अधिक से अधिक लोगों से कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।
