
इटावा (संवाददाता – पंकज राठौर)। जिले के बकेवर थाना क्षेत्र में पत्रकार दीपेश गौतम पर हुए हमले के बाद पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पत्रकार ने आरोप लगाया है कि फाइनेसरों की कथित गुंडई की खबर प्रकाशित करने से नाराज लोगों ने उन पर हमला किया। वहीं, थाना बकेवर पुलिस पर भी मामले में लापरवाही और धमकी देने के आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महासचिव दीपेश गौतम ने बताया कि 19 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे महेवा-उझियानी हाईवे पुल के पास चार लोगों ने उनकी बाइक रोक ली और हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और नकदी भी लूट ली। पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने धमकी देते हुए कहा कि “बहुत पत्रकारिता करता है, खबर चलाना भुला देंगे।”
घटना में घायल पत्रकार को पहले सीएचसी महेवा ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय इटावा रेफर कर दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि थाना अध्यक्ष बकेवर विपिन मलिक ने न तो उचित सहयोग किया और न ही चिट्ठी मजरूबी दी। साथ ही जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले को लेकर इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के कानपुर मंडल उपाध्यक्ष राजीव यादव, विश्व प्रेस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी तथा भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और एसपी ग्रामीण को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं, मामले की जांच सीओ भरथना को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद क्षेत्रीय पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है। पीड़ित पत्रकार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
