Homeउत्तर प्रदेशमुनि श्री 108 अनुकरण सागर महाराज के सानिध्य में कल्याणमंदिर स्तोत्र विधान...

मुनि श्री 108 अनुकरण सागर महाराज के सानिध्य में कल्याणमंदिर स्तोत्र विधान संपन्न

101563

जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर), इटावा। बुधवार को नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मुनि श्री 108 अनुकरण सागर महाराज के मंगल सानिध्य में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री कल्याणमंदिर स्तोत्र विधान का भव्य आयोजन किया गया। प्रातःकाल मंदिर परिसर धर्ममय वातावरण से गूंज उठा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई, जिसका सौभाग्य नलिन जैन सार्थक जैन परिवार को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात आचार्य श्री 108 प्रणम्य सागर महाराज द्वारा रचित श्री कल्याणमंदिर विधान का विधिवत शुभारंभ हुआ। विधानकर्ता परिवार नलिन कल्पना जैनद्वारा मंगल कलश स्थापना के साथ विधान की मंगल क्रियाएं प्रारंभ हुईं।संगीतमय एवं भक्ति भाव से ओतप्रोत विधान को शास्त्री प्रखर जैन एवं सह-शास्त्री आशीष जैन ने मधुर संगीत के माध्यम से संपन्न कराया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।

101566

इस अवसर पर मुनि श्री 108 अनुकरण सागर महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में भगवान पार्श्वनाथ के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ सदैव ध्यान में लीन रहे और उन्होंने अपने समीप कमठ को आने नहीं दिया। कमठ द्वारा किए गए अनेक उपसर्गों को भगवान ने शांत भाव से सहन किया और अपने कर्मों का क्षय करते रहे।

मुनि श्री ने कहा कि कमठ ने भगवान पर ओले, पत्थर और जल की वर्षा कर अनेक कष्ट पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन भगवान पार्श्वनाथ अडिग एवं शांत बने रहे। उनका जीवन हमें सहनशीलता, धैर्य और आत्मबल की प्रेरणा देता है। यदि हम भगवान पार्श्वनाथ के आदर्शों को अपने जीवन में उतार लें तो हमारा जीवन भी बदल सकता है।विधान के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उपस्थित रही और सभी ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया।

Pankaj Rathaur
Pankaj Rathaurhttps://mihnews.in/
जमीन से जुड़ी रिपोर्टिंग में विश्वास रखने और सामाजिक मुद्दों से जुडी खबरे.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular