
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। नगर क्षेत्र में इन दिनों डबल डेकर बसों का अवैध संचालन प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इटावा से होकर दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के लिए संचालित होने वाली डबल डेकर बसें नियम-कायदों को खुलेआम चुनौती देती नजर आ रही हैं। हालत यह है कि शाम सात बजे से लेकर देर रात तक जसवंतनगर चौराहे पर दो दर्जन से अधिक बसों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे खड़ी बसों और एजेंटों की भीड़ के कारण राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि कई बसों का संबंध प्रभावशाली लोगों से होने के कारण इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती। आरोप है कि निजी बस संचालकों ने ऐसा नेटवर्क बना लिया है कि कई बार रोडवेज बसों को भी फ्लाईओवर के ऊपर से निकालने का दबाव बनाया जाता है। बताया जाता है कि कुछ रोडवेज बसें नीचे चौराहे तक नहीं आतीं और यात्रियों को फ्लाईओवर पर ही उतार देती हैं, जबकि नीचे मौजूद एजेंट यात्रियों को निजी डबल डेकर बसों में बैठा लेते हैं। इससे रोडवेज विभाग को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
चौराहे पर एक दर्जन से अधिक एजेंटों ने स्थायी अड्डा बना रखा है। यात्रियों को रोडवेज बसों में बैठने से रोककर निजी बसों में भेजने का खेल देर रात तक चलता रहता है। कई बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं, जबकि कई वाहनों की फिटनेस को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
नियमों के मुताबिक प्रत्येक बस में वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी गेट और अन्य सुरक्षा उपकरण होना अनिवार्य है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश डबल डेकर बसों में ये व्यवस्थाएं नहीं हैं। कई बसों में आग बुझाने का यंत्र तक मौजूद नहीं है। ऐसे में किसी हादसे की स्थिति में यात्रियों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।
पूर्व में भी डबल डेकर बसों के हादसों में ओवरलोडिंग और लापरवाही सामने आ चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने परिवहन विभाग, प्रशासन और पुलिस से संयुक्त अभियान चलाकर अवैध बस संचालन, ओवरलोडिंग और एजेंटों के नेटवर्क पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
