
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। आगरा से बीमार पुत्र की दवा लेकर लौट रहे एक यात्री ने रोडवेज बस के परिचालक पर संवेदनहीनता और मनमानी का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि बच्चे की गंभीर हालत का हवाला देकर बार-बार अनुरोध करने के बावजूद परिचालक ने बस को जसवंतनगर हाईवे चौराहे पर नीचे नहीं उतारा और ओवरब्रिज से सीधे इटावा रोडवेज बस स्टैंड ले गया। मामले से आक्रोशित यात्री ने क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) से परिचालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उसे सेवामुक्त किए जाने की मांग की है।
महलई गांव निवासी विवेक कुमार ने बताया कि वह अपने 10 वर्षीय पुत्र राघव कुमार के साथ आगरा से उपचार एवं दवा लेकर रोडवेज बस संख्या यूपी-84-टी-4844 से जसवंतनगर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने परिचालक को बताया कि उनका पुत्र बीमार है और उन्हें जसवंतनगर हाईवे चौराहे पर उतरना है, लेकिन परिचालक ने उनकी बात अनसुनी कर दी। पीड़ित के अनुसार परिचालक, जिसने अपना नाम रवि बताया, ने अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि “मेरी बस, मेरी मर्जी से चलती है।” इसके बाद उसने बस को नगर में हाईवे चौराहे पर नीचे नहीं उतारा और सीधे इटावा रोडवेज बस स्टैंड तक ले गया।
विवेक कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य ने क्षेत्रीय प्रबंधक कपिल देव को दी तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सैफई डिपो शिवपूजन यादव से भी बात कराई। अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद पीड़ित ने क्षेत्रीय प्रबंधक की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित परिचालक का व्यवहार यात्रियों के प्रति अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और अमर्यादित है। विशेष रूप से बीमार बच्चे के साथ की गई संवेदनहीनता को देखते हुए उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। पीड़ित ने आरएम एवं एआरएम से दोषी परिचालक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सेवामुक्त किए जाने की मांग की है।
