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विठ्ठल आश्रम टिक्सी मंदिर में पहुंचे ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज

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इटावा (संवाददाता : पंकज राठौर)। विठ्ठल आश्रम टिक्सी मंदिर स्थित निर्माणाधीन दस महाविद्या पीठ में उस समय आध्यात्मिक और धार्मिक वातावरण भक्तिमय हो उठा जब ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का पावन आगमन हुआ। उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, गौभक्त एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच शंकराचार्य जी महाराज का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और राष्ट्रजीवन की आधारशिला हैं। उन्होंने उपस्थित भक्तों को गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने तथा गौरक्षा एवं गौसंवर्धन के लिए आजीवन कार्य करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन और संस्कृति की पहचान हैं।

अपने उद्बोधन में उन्होंने इटावा में एक भव्य गोधाम स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जहां गौमाता को केवल दूध उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि पूजनीय मातृशक्ति के रूप में रखा जाए। उन्होंने कहा कि गौसेवा का वास्तविक उद्देश्य गौवंश का संरक्षण, संवर्धन और सम्मान होना चाहिए।

इस अवसर पर उन्होंने श्री पीतांबरेश्वर सरकार धाम, दस महाविद्या पीठ के भक्त एवं समाजसेवी अशोक कुमार यादव (क्रांतिकारी) को अपना प्रतिनिधि नियुक्त करते हुए इटावा में शीघ्र एक आदर्श गोधाम के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में गौसेवा का यह अभियान जनपद में एक नई दिशा प्रदान करेगा।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीतांबरेश्वर सरकार धाम (दस महाविद्या पीठ) के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी शिवम जी महाराज ने कहा कि इटावा की धरती आज वास्तव में धन्य हो गई है। उन्होंने कहा, “यह हमारा परम सौभाग्य है कि ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के पावन चरण इस पीठ पर पड़े हैं। उनके आगमन से सम्पूर्ण क्षेत्र में धर्म, संस्कृति, गौरक्षा और राष्ट्रभक्ति की चेतना का संचार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि दस महाविद्या पीठ सदैव धर्म, संस्कृति और गौरक्षा के कार्यों के लिए समर्पित रहेगा तथा शंकराचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं, संतों एवं गौभक्तों ने गौसेवा, गौरक्षा और सनातन धर्म की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य से सम्पूर्ण विठ्ठल आश्रम टिक्सी मंदिर क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया और यह अवसर क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय अध्याय बन गया।

Pankaj Rathaur
Pankaj Rathaurhttps://mihnews.in/
जमीन से जुड़ी रिपोर्टिंग में विश्वास रखने और सामाजिक मुद्दों से जुडी खबरे.
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