
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। रविवार देर शाम आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। खराब मौसम के चलते बिजली विभाग के 33 केवी और 11 केवी लाइन के करीब 70 पोल क्षतिग्रस्त होकर टूट गए, जिससे दो दर्जन से अधिक गांवों की विजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। ग्रामीण रविवार शाम से ही बिजली संकट से जूझ रहे हैं। वहीँ इन गाँव में लगभग25 से 30 हजार की आवादी प्रभावित हुई है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से गढ़ी जालिम, नगला नवल, धनुआ, भावलपुर, सुगंध नगर, नगला नारिया, कुरसेना, कंचनिया, अजनोरा, शाहजहांपुर, फतेहपुरा, पड़रपुरा, रायनगर सहित बलरई फीडर के नगला रामसुंदर और खंदिया समेत कई गांव प्रभावित हैं। ग्रामीण रामोतार, सुरेश, अजब सिंह, बबलू, राजेश, आलोक, ब्रजेश, रामवीर, कमलेश आदि का कहना है कि लगातार बिजली न आने से सबसे अधिक परेशानी पशुओं के लिए चारा और पानी की व्यवस्था करने में हो रही है। घरों में अंधेरा पसरा हुआ है और गर्मी व उमस के बीच लोग रातें जागकर काटने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर मिट्टी का तेल उपलब्ध हो जाता था, जिससे बिजली कटौती के दौरान कुछ राहत मिल जाती थी, लेकिन अब उसका वितरण बंद होने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। बारिश के बाद गांवों में सांप और बिच्छुओं के निकलने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
बिजली न होने से मोबाइल फोन चार्ज करने, पेयजल की व्यवस्था करने और दैनिक कार्यों में भी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं रात के समय मच्छरों के प्रकोप ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
इस संबंध में उपखंड अधिकारी (एसडीओ) आनंद पाल सिंह ने बताया कि विभागीय जेई, लाइनमैन और ठेकेदार की टीम रविवार रात से ही मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। क्षतिग्रस्त पोलों और तारों को बदलने का काम तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति सोमवार रात तक बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि कुछ गांवों में कार्य शेष रह जाता है तो वहां मंगलवार तक आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
क्रोसर: आंधी और ओलावृष्टि से 70 बिजली पोल क्षतिग्रस्त
25 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति 24 घंटे से ठप
विभाग की टीमें रात से मरम्मत कार्य में जुटीं
ग्रामीणों को पानी, पशुचारे और मच्छरों की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
