
जसवंतनगर केसंवाददाता : पंकज राठौर)। मुख्यचिकित्साधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी के निर्देशन में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को नगर स्थित एक इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने की। डॉ. वीरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करना चाहिए। टीबी की सभी जांचें और उपचार सरकार द्वारा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।
जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर निर्मल सिंह ने विद्यार्थियों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी रहना, सीने में दर्द, बलगम में खून आना, शाम के समय पसीना आना, वजन कम होना, बच्चों का वजन न बढ़ना, भूख कम लगना तथा गले में गांठ होना टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे मरीजों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र भेजकर बलगम की जांच करानी चाहिए। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि टीबी मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण के लिए सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाते हैं। कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
