
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। क्षेत्र के ग्राम चांदनपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की कंस वध लीला का श्रवण कर भावविभोर हो उठे। कथा व्यास आचार्य राघव दास जी महाराज ने भागवत पुराण के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी मामा कंस का वध कर समाज को भय और अन्याय से मुक्ति दिलाई। कंस वध केवल एक राक्षस के अंत की कथा नहीं, बल्कि सत्य की असत्य पर विजय का प्रतीक है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
आचार्य राघव दास जी महाराज ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को धार्मिक और नैतिक संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अभिभावकों से बच्चों को बड़ों का सम्मान करना, सत्य के मार्ग पर चलना और धर्म से जुड़े रहने की सीख देने का आह्वान किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गईं।
