
मैनपुरी (संवाददाता – अमन कुमार)। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का सबसे बड़ा पुनीत कार्य है। रक्त की कमी के कारण अनेक मरीजों की जान चली जाती है, ऐसे में स्वेच्छा से किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम बनता है।
उन्होंने कहा कि मैनपुरी में रक्तदाताओं की कोई कमी नहीं है। जनपद के कई लोगों ने अनेक बार रक्तदान कर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है, जो गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक उपचार कर मरीज का जीवन बचाते हैं, लेकिन रक्तदाता अपने रक्त के माध्यम से किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। रक्तदान से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती, बल्कि लगभग 48 घंटे के भीतर शरीर में नया रक्त बनने लगता है, जिससे स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने 26 बार रक्तदान करने वाले अवर अभियंता मानवेन्द्र सहित अजीत कांत मिश्र, शिवानी, नारायण गुप्ता, नीरज बैजल, राघवेन्द्र गहलोत, माला बैजल, विनीता दुबे, शिवांग जैन, वंश बैजल, राहुल गोगिल, उत्तम गुप्ता, संचिता गुप्ता, राजेश अरोरा, मोहित, गुरुद्वारा कमेटी, देवी सम्पत मंडल, एनसीसी कैडेट्स, एकरसानन्द आश्रम समिति तथा अमर उजाला फाउंडेशन के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राज सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेन्द्र, ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. विकास यादव, डॉ. आर.के. शुक्ला, डॉ. शिखा अग्रवाल, निधि, रतनेश, अनिल कुमार, अजय पाल सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं रक्तदाता उपस्थित रहे। शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
