
मैनपुरी (संवाददाता – अमन कुमार)। थाना बेवर क्षेत्र के ग्राम नवीगंज में वर्ष 2005 में हुए चर्चित कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा दुबे के दोहरे हत्याकांड की पुनर्विवेचना अब तेज हो गई हैशासन के निर्देश पर चल रही जांच के तहत रविवार दोपहर प्रशासनिक अधिकारियों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए।
जांच के दौरान विधि विज्ञान विशेषज्ञ, लखनऊ की टीम, फील्ड यूनिट मैनपुरी, एसडीएम भोगांव नीरज कुमार द्विवेदी, सीओ भोगांव रामकृष्ण द्विवेदी, थाना प्रभारी बेवर अनिल कुमार, महिला थाना थानाप्रभारी हेमलाल, एसएसआई सुखबीर सिंह, नवीगंज चौकी प्रभारी राजकुमार गौतम तथा भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से नाप-जोख कर क्राइम सीन को दोबारा समझने का प्रयास किया। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन से भी पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया गया और घटनास्थल का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने उस मकान का विस्तृत निरीक्षण किया, जहां 6 अगस्त 2005 को कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। टीम ने संभावित हमलावरों की स्थिति, गोली चलने की दिशा तथा घटनाक्रम का पुनर्निर्माण करते हुए क्राइम सीन स्केच तैयार किया। पूरी जांच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके।
इस मामले की वादिनी राधिका दुबे हैं पुनर्विवेचना का उद्देश्य पुराने साक्ष्यों का आधुनिक तकनीकों के माध्यम से परीक्षण कर निष्पक्ष एवं सुदृढ़ विवेचना सुनिश्चित करना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत पैरवी की जाएगी।उल्लेखनीय है कि इस चर्चित दोहरे हत्याकांड में फर्रुखाबाद के चर्चित माफिया अनुपम दुबे, अनुराग उर्फ बब्बन दुवे, बांबी जाटव ,लालू उर्फ प्रशांत पाण्डेय , नरेन्द्र उर्फ कल्लू समेत कई लोगों को नामजद किया गया था। वर्तमान में अनुपम दुबे मथुरा जेल में निरुद्ध है। पुलिस का कहना है कि पुनर्विवेचना के दौरान जुटाए जा रहे नए वैज्ञानिक साक्ष्य मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
