
मैनपुरी (संवाददाता – अमन कुमार)। तहसील किशनी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जन शिकायतों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवादों, चकरोड, चारागाह, मरघट, विद्यालय एवं अन्य सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान नैगवां खिरिया निवासी शिवराम सिंह ने खतौनी में दर्ज गलत नाम को संशोधित कराने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित लेखपाल को बुलाकर आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण कराया और मौके पर ही खतौनी में नाम दुरुस्त कर उसकी प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई। इस त्वरित कार्रवाई से फरियादी को तत्काल राहत मिली।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि पैमाइश के दौरान कोई व्यक्ति बाधा उत्पन्न करता है तो उसके विरुद्ध शांति भंग की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाए। उन्होंने चकरोडों की पैमाइश कराकर तत्काल मिट्टी डलवाने तथा अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस में तहसील किशनी क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से आए 286 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित लोगों को तत्काल राहत प्रदान की गई। इस दौरान अधूरी पानी की टंकी का निर्माण, न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद भूमि पर हस्तक्षेप रोकने, गाटा संख्या की पैमाइश, सीमांकन, चकरोड से अवैध कब्जा हटाने, सार्वजनिक भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा नगर पंचायत द्वारा कथित रूप से गलत खाते में धनराशि हस्तांतरित किए जाने की जांच जैसी शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने सभी प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, उपजिलाधिकारी किशनी गोपाल शर्मा, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक शोभनाथ चौरसिया, उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, तहसीलदार घासीराम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
