
बेवर (संवाददाता – अमन कुमार) मैनपुरी । जनपद मैनपुरी के बेवर क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर में आयोजित सात दिवसीय बुद्ध कथा का समापन सातवें एवं अंतिम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिन कथावाचक मनोज ब्लास्ट ने भगवान बुद्ध के जीवन के अंतिम पड़ाव ‘महापरिनिर्वाण’ का अत्यंत मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया कथावाचक ने बताया कि भगवान बुद्ध ने 80 वर्ष की आयु में कुशीनगर के सालवन में वैशाख पूर्णिमा के दिन अपने नश्वर शरीर का त्याग किया था।
उन्होंने बुद्ध के अंतिम संदेश “अप्प दीपो भव” का अर्थ समझाते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में स्वयं अपना मार्गदर्शक बनना चाहिए। दूसरों के सहारे या चमत्कारों पर निर्भर रहने के बजाय अपने विवेक, ज्ञान और कर्मों के बल पर आगे बढ़ना ही बुद्ध का सच्चा संदेश है। कथा के दौरान भगवान बुद्ध के त्याग, करुणा, अहिंसा और मानवता के सिद्धांतों का विस्तार से वर्णन किया गया। कथावाचक ने कहा कि बुद्ध का सम्पूर्ण जीवन समाज को सत्य, शांति और सद्भाव का मार्ग दिखाने के लिए समर्पित रहा। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में उपस्थित रहे और बुद्ध के उपदेशों को सुन भावुक हो उठे।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने बुद्ध वंदना कर विश्व शांति की कामना की। इस अवसर पर हर्ष शाक्य, सर्वेश कुमार, राजू शाक्य, ध्रुव सिंह शाक्य, नीतेश शाक्य, दीपू शाक्य, कौशलेंद्र शाक्य सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा पंडाल श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखाई दिया।
