
मैनपुरी (संवाददाता – अमन कुमार)। विद्युत विभाग में अधिशासी अभियंता की कार्यशैली को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार 13 मई को लगातार तीसरे दिन उपखंड अधिकारियों और अवर अभियंताओं ने अधीक्षण अभियंता से मुलाकात कर अपनी समस्याएं दोबारा उठाईं। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा कर्मचारियों का कहना है कि 8 मई 2026 को ही अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल मैनपुरी तथा मुख्य अभियंता फिरोजाबाद क्षेत्र को लिखित शिकायत भेज दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी बात से विभागीय कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन में शामिल अधिकारियों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह की कार्यप्रणाली के कारण विभागीय माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि कई बार समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा गया, लेकिन समाधान के बजाय उपेक्षा की गई। कर्मचारियों ने कहा कि उनका विरोध किसी सरकारी कार्य को प्रभावित करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि केवल अधिकारी की कार्यशैली के खिलाफ है।कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़े सभी कार्य समय से किए जा रहे हैं। आईजीआरएस शिकायतों और उपभोक्ताओं की समस्याओं का गुण-दोष के आधार पर तत्काल निस्तारण किया जा रहा है।
शासन की योजनाओं या विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ने दिया जा रहा है।विरोध प्रदर्शन में राजीव कुमार उपखंड अधिकारी भोगांव, शेर सिंह उपखंड अधिकारी किशनी, सुरेंद्र सिंह उपखंड अधिकारी बेवर, ऐन्द्र कुमार शर्मा उपखंड अधिकारी सिविल लाइन, पीयूष शुक्ला उपखंड अधिकारी कुरावली, निजामुद्दीन उपखंड अधिकारी घिरोर, सुधीर कुमार उपखंड अधिकारी बरनाहल तथा अभिषेक कुमार उपखंड अधिकारी विद्युत नगरीय उपखंड पावर हाउस सहित बड़ी संख्या में अवर अभियंता और तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान विवेक कुशवाह, रजनीकांत राय, अनिल कुमार, प्रमेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रवीन कुमार, ज्ञानेन्द्र पुष्कर, राकेश चंद्र, अजय कुमार और अभिषेक कुमार सहित कई कर्मचारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
तकनीकी कर्मचारियों में सचिन पटेल, अनुज दुबे, जनवेद सिंह, योगेश गौतम, उमेर हसन, रमेश चंद्र, शिव नारायण सिंह और प्रीतम सिंह समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।लगातार तीन दिन से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन ने विद्युत विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर विभागीय अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
