
मैनपुरी (संवाददाता – अमन कुमार)। जिले में चलाया जा रहा “मिशन समाधान” अभियान अब भू-माफियाओं के लिए खतरे की घंटी बनता नजर आ रहा है। जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों बीघा ग्राम समाज और पट्टे की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। करीब 50 वर्षों से अपनी जमीन पर कब्जे का इंतजार कर रहे पट्टेदारों को जब प्रशासन ने मौके पर ही कब्जा दिलाया तो ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।
जनपद की सभी तहसीलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त 24 टीमों ने 240 चिन्हित मामलों में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से अवैध कब्जे हटवाए और कई मामलों में पात्र लोगों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया। इसके साथ ही चकरोड और नालियों की पैमाइश कराकर मिट्टी डलवाने का कार्य भी कराया गया।

तहसील करहल के ग्राम अंडनी, ढकपुरा और रेढ़ापुर में जिलाधिकारी की मौजूदगी में लगभग 70 बीघा भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। ग्राम अंडनी में गाटा संख्या-898 की 18 बीघा चारागाह भूमि और 35 बीघा पट्टे की जमीन पर वर्षों से अवैध कब्जा था। प्रशासन ने बुलडोजर और ट्रैक्टर की मदद से कब्जा हटवाकर 11 पट्टेदारों को मौके पर ही उनकी भूमि का अधिकार दिलाया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीबों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों को भू-माफिया के रूप में चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। साथ ही गुंडा एक्ट और जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
“मिशन समाधान” के तहत गांव-गांव पहुंचकर भूमि विवाद, ग्राम सभा भूमि, पट्टा भूमि और राजस्व संबंधी मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की मंशा है कि अधिकतर मामलों का समाधान गांव स्तर पर ही पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
