
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। रविवार सुबह करीब 10 बजे बलरई थाना क्षेत्र के गाँव नगला विशुन और नगला सलहदी के बीहड़ों में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते तेजहवा चलने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 400 बीघा क्षेत्रफल में फैले जंगली पेड़-पौधे, औषधीय वनस्पतियां और पशु-पक्षियों के आशियाने जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आने से बड़ी संख्या में कीट-पतंगे, सर्प-विच्छू समेत अन्य छोटे-बड़े जंगली जीव भी नष्ट हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धुएं के गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही बलरई थाना प्रभारी कृपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ कांस्टेबल राहुल, विकास और आंशू भी मौजूद रहे। आग की गंभीरता को देखते हुए चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने मिलकर अलग-अलग स्थानों पर मोर्चा संभाला और करीब चार से पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
हालांकि तब तक भारी नुकसान हो चुका था। इस घटना से क्षेत्र की जैव विविधता को गहरा आघात पहुंचा है। वन विभाग द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रथम दृष्टया किसी राहगीर द्वारा जलती हुई बीड़ी सिगरेट फेंक दी हो या उस क्षेत्र से गुजरने वाली विजली लाइन की चिंगारी के साथ अत्यधिक गर्मी और सूखी घास को वजह माना जा रहा है।
