
चंदौली (संवाददाता – शमशेर चौधरी)। जनपद के पीडीडीयू नगर स्थित सुभाषनगर में गाटा संख्या 219 की भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है राजस्व विभाग ने कथित तौर पर तालाब की जमीन पर बने मकानों के संबंध में कई लोगों को नोटिस जारी किए हैं जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल है प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदने से पहले जांच कराई थी और कई मामलों में विधिवत दाखिल-खारिज व रजिस्ट्री भी हुई थी स्थानीय निवासी संजय कुमार ने बताया कि उनकी जमीन की एक वर्ष पूर्व जांच कराकर रजिस्ट्री कराई गई थी और राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर दाखिल-खारिज भी हुआ था।
अब उसी भूमि को तालाब बताते हुए उन्हें नोटिस भेजा गया है अधिवक्ता अंशुमान उपाध्याय ने बताया कि गाटा संख्या 219 का कुल रकबा 5.13 एकड़ है जिसमें केवल 78 डिसमिल भूमि तालाब के रूप में दर्ज रही है जबकि शेष भूमि भूमिधरी बताई जाती रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में पूरे रकबे को तालाब घोषित किया गया था, लेकिन बाद में उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर भूमिधरी और तालाब की जमीन का अलग-अलग निर्धारण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, समय-समय पर राजस्व अभिलेखों में अलग-अलग प्रविष्टियां होने से विवाद बना हुआ है वार्ड सभासद आरती ने जानकारी दी कि नगर पालिका के रिकॉर्ड में 78 डिसमिल भूमि तालाब के रूप में दर्ज है जिसका सौंदर्यीकरण भी कराया गया था उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में हुई रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज में राजस्व विभाग की भूमिका संदिग्ध रही है वहीं अन्य प्रभावित लोगों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में जमीन खरीदी थी और आसपास की कई जमीनों का दाखिल-खारिज भी हो चुका था अब उन्हें तालाब की भूमि पर कब्जे का नोटिस मिला है मामले को लेकर प्रभावित लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।
