
मैनपुरी (संवाददाता – अमन कुमार)। शनिवार को विकास क्षेत्र के ग्राम मुडई में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच अहम बैठक हुई। लंबे समय से सर्किल रेट बढ़ाकर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे किसानों से मिलने नवागत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी स्वयं गांव पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। बैठक में किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि आसपास के गांवों में समान स्थिति होने के बावजूद सर्किल रेट में भारी अंतर है। किसानों के अनुसार ग्राम पटना टिलुआ और टोडरपुर की मेड़ें आपस में मिलती हैं, फिर भी टोडरपुर का सर्किल रेट 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर जबकि पटना टिलुआ का 30 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार ग्राम मुडई और हुसैनपुर के खेत एक-दूसरे से जुड़े होने के बावजूद हुसैनपुर का सर्किल रेट 50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और मुडई का केवल 30 लाख रुपये तय किया गया है। किसानों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए समान दर से मुआवजा देने की मांग उठाई।जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों को यूपीडा (UPEIDA) के समक्ष रखेंगे और समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की परेशानियों को गंभीरता से ले रहा है।बैठक के दौरान किसानों ने फर्द, खतौनी और अन्य राजस्व अभिलेखों में नाम व विवरण संबंधी त्रुटियों की भी शिकायत की।
इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 3 मई को मुडई गांव में विशेष कैंप लगाकर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए तथा एक सप्ताह के भीतर सभी अभिलेख दुरुस्त किए जाएं।बताया गया कि राजस्व ग्राम मुडई के करीब 550 किसानों की लगभग 27 हेक्टेयर (करीब 340 बीघा) भूमि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहित की जा रही है। सर्किल रेट को लेकर सहमति न बनने के कारण अब तक किसानों ने हाईवे अथॉरिटी के पक्ष में बैनामे नहीं किए हैं। वहीं कुछ किसानों द्वारा हाईकोर्ट जाने की तैयारी की चर्चा भी सामने आ रही है। बैठक में कई किसान, राजस्व अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
