
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर), इटावा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, धनुवा में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में नशा मुक्ति और धूम्रपान के दुष्प्रभावों पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को नशे से होने वाली बीमारियों और इससे जुड़े कड़े कानूनों के प्रति सचेत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अधिकार मित्रों ने ग्रामीण जनता को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू और धूम्रपान केवल एक आदत नहीं, बल्कि मौत का द्वार है। यह कैंसर, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों और हृदय रोग का प्रमुख कारण बनता है। साथ ही, विधिक जानकारी देते हुए बताया गया कि,सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना कानूनन अपराध है।जिसके लिए जुर्माने और दंड का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।
नशा परिवार और समाज का दुश्मन इस अवसर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) सत्येंद्र यादव ने भावुक अपील करते हुए कहा।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में…नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और मांग की कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता शिविरों का आयोजन होता रहना चाहिए ताकि समाज को बुराइयों से मुक्त रखा जा सके।
इस कार्यक्रम में अधिकार मित्र लालमन, राजेंद्र सिंह, कुमारी नीरज और ऋषभ पाठक ने भी नशा मुक्ति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। इस अभियान को सफल बनाने में फार्मासिस्ट देवेंद्र यादव, पंचायत सहायक प्रयांशु यादव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा बहुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्र के पुरुष और महिलाएं उपस्थित रहे।
