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दिव्यांग पंजीकरण कार्यक्रम में 12 दिव्यांगों ने कराया पंजीकरण, सहायक उपकरणों की दी गई जानकारी

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जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर)। ब्लॉक सभागार में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से आयोजित विशेष शिविर में 12 दिव्यांगजनों ने सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और उनके परिजन मौजूद रहे, जहां योजनाओं के प्रति खासा उत्साह देखने को मिला।
शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें बैसाखी, व्हीलचेयर, हैंड व पैडल संचालित ट्राई साइकिल और रिक्शा प्रमुख रूप से शामिल रहे। पात्र लाभार्थियों का मौके पर पंजीकरण कर उन्हें आगे की वितरण प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में डॉ. विष्णु मेहरोत्रा, डॉ. राजुल आनंद, सीएमओ कार्यालय से अभिषेक अंकित, एडीओ समाज कल्याण वेदप्रकाश और दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय से रोहित बाबू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही। आधुनिक विद्या मंदिर शिक्षा समिति से ओमप्रकाश, ग्रामीण महिला उत्थान समिति से सुघर सिंह, समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीएलवी अधिकार मित्र राजेंद्र यादव व लालमन बाथम ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग दिया।

शिविर में दिव्यांगजनों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना तथा कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण योजना शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
फोटो:- ब्लॉक सभागार में आयोजित शिविर में सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण कराते दिव्यांगजन।

खामियों से घिरा शिविर, 40 मिनट में लौटे डॉक्टर

जसवंतनगर। ब्लॉक सभागार में आयोजित दिव्यांग शिविर में कई गंभीर खामियां सामने आईं। आरोप है कि डॉक्टर निर्धारित समय से देरी से पहुंचे और मात्र 40 मिनट में ही वापस लौट गए। इससे कई दिव्यांगजनों का परीक्षण नहीं हो सका और दूर-दराज से आए लोगों को बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ा।
बताया गया कि शिविर में केवल 12 दिव्यांगजनों का ही पंजीकरण हो सका, जबकि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। भीषण गर्मी के बीच दिव्यांगजन और उनके परिजन घंटों तक परेशान होते रहे। इस दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता भी साफ नजर आई, जिससे शिविर महज औपचारिकता बनकर रह गया।
शिविर की अव्यवस्थाओं को लेकर दिव्यांगजनों में नाराजगी देखने को मिली और लोगों ने व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।

Pankaj Rathaur
Pankaj Rathaurhttps://mihnews.in/
जमीन से जुड़ी रिपोर्टिंग में विश्वास रखने और सामाजिक मुद्दों से जुडी खबरे.
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