
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर), इटावा । नगर के जैन बाजार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को भव्य श्रावक संस्कार विधि एवं अष्टमूल गुण धारण संस्कार का श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन बा. ब्र. राहुल भैया जी के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं, युवाओं और बच्चों ने सहभागिता कर धर्म संस्कार ग्रहण किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाष्टक एवं देव-शास्त्र-गुरु पूजन के साथ हुआ। इसके बाद बा. ब्र. राहुल भैया जी ने अष्टमूल गुणों का महत्व बताते हुए कहा कि यही संस्कार एक आदर्श श्रावक जीवन की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि संयम, सदाचार और आत्मकल्याण का मार्ग अपनाकर ही व्यक्ति सच्चे अर्थों में धर्ममय जीवन जी सकता है।
संस्कार विधि के दौरान श्रद्धालुओं ने मदिरा, मांस और मधु (शहद) का आजीवन त्याग करने के साथ ही पांच उदुम्बर फलों का सेवन न करने का संकल्प लिया। इसके अलावा माता-पिता की सेवा, प्रतिदिन देवदर्शन, स्वाध्याय, सामायिक, रात्रि भोजन का त्याग, सेवा भावना तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन सहित दस प्रमुख संकल्पों को आत्मसात करने का प्रण भी लिया।

अपने प्रेरक उद्बोधन में बा. ब्र. राहुल भैया जी ने कहा कि अष्टमूल गुणों का पालन व्यक्ति के जीवन में आत्मिक पवित्रता, नैतिकता और अनुशासन का संचार करता है। उन्होंने सभी से इन संस्कारों को व्यवहार में उतारकर परिवार और समाज के लिए आदर्श बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के संयममय, सदाचारपूर्ण एवं धर्ममय जीवन की मंगलकामना के साथ आयोजन का समापन हुआ।
