
जसवंतनगर (संवाददाता : पंकज राठौर) इटावा। पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) एवं उम्मुल मोमिनीन के संबंध में नाजिया इलाही द्वारा कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके विरोध में जसवंतनगर के मुस्लिम समाज के लोगों ने शनिवार को संविधान एवं कानून के दायरे में रहते हुए एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला। मार्च के बाद प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। सौपे गए ज्ञापन में प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कानून के अनुसार आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
भावनाएं आहत, कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील, ज्ञापन में कहा गया है कि कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से देश-विदेश के करोड़ों मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, जिससे समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपील की कि सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इस मामले में शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई अमल में लाई जाए।
लोकतांत्रिक तरीके से जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों और प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका यह विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से दर्ज कराया गया है। उन्होंने साफ किया कि वे देश की न्यायिक प्रक्रिया तथा कानून के शासन में पूर्ण विश्वास रखते हैं, इसलिए उन्होंने अपनी मांग को शांतिपूर्वक प्रशासन के सामने रखा है। ये लोग रहे मौजूद- एडवोकेट ज़ामिन खान, हाजी नसीम सिद्दीकी, इफ़्तेखार फारूकी, पाक मोहम्मद, अब्दुल हक़, अब्दुल्लाह अंसारी, जेनुल आब्दीन, नाज़िम, समीम खान, आसिफ, जुनेद सिद्दीकी, फ़राज़ वारसी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। महिला -असगरी फातिमा, तराना बेगम, इमरोज़ बेगम, अंजुम, रहीसा तथा अन्य महिलाओं की भी इस दौरान उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
