
चंदौली (संवाददाता शमशेर चौधरी)। जनपद के अलीनगर क्षेत्र में मुहर्रम पर निकला दुलदुल का जुलूस: जुलजनाह की जियारत को उमड़ी भीड़,या हुसैन’ की गूंज मुहर्रम की 10 तारीख पर शुक्रवार शाम के मुख्य बाजार में दुलदुल का जुलूस पूरी अकीदत के साथ निकाला गया इमाम हुसैन के घोड़े ‘जुलजनाह’ के प्रतीक के रूप में सजाए गए सफेद दुलदुल घोड़े को देखने के लिए बाजार में अकीदत मंदों की भीड़ उमड़ पड़ी इस जुलूस में ताजिया और अलम भी शामिल थे।
दुलदुल घोड़े को सफेद चादर और लाल निशानों के साथ सजाया गया था, जो कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन के घायल घोड़े की याद दिलाता है घोड़े के आगे-पीछे अंजुमन के लोग नौहा-मातम करते हुए चल रहे थे इस दौरान सिर पर सफेद पट्टी बांधे अकीदतमंद ‘या हुसैन या हुसैन’ की सदाएं बुलंद कर रहे थे कई नौजवान मातम करते हुए जुलूस के साथ चल रहे थे माहौल गमगीन था लोग अपने घरों की छतों से और सड़क किनारे खड़े होकर दुलदुल की जियारत कर रहे थे प्रमुख मार्गों से होता हुआ कर्बला पहुंचा जहां देर शाम ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया पैगंबर हजरत इमाम हुसैन की याद में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजिया का जुलूस निकाला गया।
नगर में कदीमी रास्तों से होता हुआ ताजिया जुलूस देर रात कर्बला पहुंचा सरकारी ताजिया तिरंगा का प्रतीक आगे-आगे चल रहा था उसके साथ छोटे बड़े ताजिया भ्रमण करते हुए एक साथ होकर कर्बला की तरफ रवाना हो गए जहां गूंजती या हुसैन की सदाओं के बीच महिलाओं ने पूरी रात मातम कर कर्बला के शहीदों का गम मनाया ताजिया के दौरान लकड़ी खेलने वालों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया।
ताजिया के साथ इस्तखार अहमद, अकील अहमद बाबू आब्दीन, इम्तियाज अहमद ,आबिद, निसार अहमद मुख्तार अहमद, सरवर अली ,अमजद , कमरुद्दीन सहित तमाम मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल रहे इस अवसर नगर की ताजिया जुलूस निकाला गया और देर शाम तक कर्बला में ठंडा किया गया इस दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे पुलिस प्रशासन ने जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराया जहां
सुरक्षा में पुलिस और पीएसी के जवान मौजूद रहे।
